Hindi Poyems

वीर तुम बढ़े चलो ! धीर तुम बढ़े चलो !
सर फ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में हैलहरों से डर कर नौका पार नहीं होती
दगी भर जिंदगी से शिकवा न करना
जीवन नही मरा करता है...
नर हो न निराश करो मन को..
Aao Bachcho Tumhain Dikhain

Vertical Bar

c6284600b2c4504c4700725ae468c08f7f18e548a102af1d31

Popular Posts